छोटी सी सीख.....
- May 20, 2017
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छोटी सी सीख..... मालती का पारा आज सुबह से सातवें आसमान पर था | घर की सफाई वाली अभी तक नहीं आयी थी | और समय पर ऑफिस पहुंचना भी ज़रूरी था| तभी पूजा (सफाई वाली) आ जाती है| शांत चित, रोज़मर्रा की तरह झाड़ू से पूरे घर की सफाई करती है| फिर बाल्टी में थोड़ा-थोड़ा पानी भर कर , पोछा लगाने लगती है| हर कमरे में पोछा लगाते समय, पानी बदल लेती थी| गंदे पानी को आँगन में रखे गमलों में और कभी बगीचे के पौधों में डाल आती थी| यह देख, मालती का गुस्सा बढ़ता जा रहा था, उसने दूसरी खाली बाल्टी उठाकर नल के नीचे भरने को रख दी| मालती ऊँची आवाज़ में फिर बोली, पूजा ज़रा जल्दी-जल्दी हाथ चलाओ| और हाँ तुम्हे गमलों में या बगीचे में पानी डालने की ज़रुरत नहीं हैं| यह काम हर शाम बाबूजी बखूबी कर लेते हैं, तुम केवल सफाई पर ध्यान दो| पूजा ने मालती की किसी भी बात का जवाब नहीं दिया| वह चुप चाप पोछा लगाती रही| साडी बांधते हुए मालती ने पूजा से फिर कहा, कल से और जल्दी आना | यह सुनकर पूजा ने पोछा लगाना बंद कर दिया| अपनी साडी के पल्लू से हाथ पोछते हुए, पूजा ने कहा, मैडम जी, आप ही की तरह मुझे भी सुबह घर के बहुत से काम होते हैं| मेरे २ छोटे बच्चे हैं जो स्कूल जाते हैं, इससे ज़्यादा जल्दी मैं नहीं आ सकती| पूजा ने बहते पानी के नल को बंद कर दिया| उसने फिर कहा " मैडम जी, हमारी बस्ती में , पीने के पानी की बहुत कमी रहती हैं| घंटो लाइन में लग कर मुश्किल से २ बाल्टी पानी मिलता है| आपका क्या मैडम जी, आप पैसे वाले हो! आप महंगे से महंगा पानी भी खरीद सकते हो| सरकार भी किसी न किसी तरह आपको पीने का पानी उपलब्ध करवा ही देगी| पर हमारा क्या मैडम जी? हम गरीब हैं! आज भी पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं| और अगर आप जैसे लोग, पानी को बिना सोचे समझे यूहीं बर्बाद करते रहे,तो आने वाला समय हमारे लिए और भी मुश्किलों से भरा होगा" | किसी ने ठीक कहा है, नुकसान हमेशा गरीब का ही होता है| इतना कह कर पूजा , दरवाज़े से बाहर निकल गयी| मालती के पास उसके प्रश्नो का कोई उत्तर नहीं था | मालती चुप चाप ,नल के नीचे रखी बाल्टी को देख रही थी|








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